Wednesday, July 19, 2017

LATEST THREE POSTS AND ALL BOOKMARK WITH BIFURCATION

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मेरी हाल की तीन पोस्ट्स ~~MY RECENT THREE POSTS
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विद्वान परशुराम को नकारात्मक क्रोधित और घोर बदला लेते हुए क्यूँ दिखाते हैं?
https://awara32.blogspot.com/2017/07/avtar-parashram-acts-were-positive.html 

मालूम नहीं क्यूँ संस्कृत विद्वान यह पूरी तरह से गलत सूचना विष्णु अवतार, भगवान् परशुराम जी के बारे में देते है, की क्षत्रियों का उनके पिता के साथ दुर्व्यवाहर के कारण , तथा क्षत्रियों की अन्य उद्दंडता के कारण , उन्होंने इक्कीस बार पृथ्वी को सारे क्षत्रिये मार कर शत्रिय-विहीन कर दिया |

ईश्वर अवतार तो दया के सागर होते हैं, वैसे भी सनातन में यह नियम है कि मानव रूप में प्रभु सदैव यह उद्धारण प्रस्तुत करते हैं कि यदि कोइ मानव ऐसा कार्य करे कि दण्डित करना आवश्यक है, तो मानव के पास इतना ही अधिकार है कि उस व्यक्ति को इतना ही दण्ड दिया जाय जिससे समाज आगे बढ़ता जाए, ना की अपराध के अनुसार ‘उचित दण्ड’ |
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गुरु पूर्णिमा पर जीवित गुरु कि वंदना समाप्त होनी चाहीये, यही सनातन है 
https://awara32.blogspot.com/2017/07/stop-worshipping-gurus.html

समझिये, और यदि इसको अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हैं तो चर्चा, शेयर भी करीए !
गुरु पूर्णिमा पर गुरु वंदना का बहिष्कार होना चाहीये !

निर्णय कठिन है क्यूँकी अपने वर्षो से चले आ रहे संस्कार से लड़ना होगा !

पिछले ४० वर्षो से इसका दुष्यपरिणाम सरकारी संस्थानों मैं , विश्वविद्यालयों में और यहाँ तक निजी कम्पनीयों में मैं देख रहा हूँ !
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ब्रह्मा विष्णु महेश, एक व्यवहारिक सकारात्मक दृष्टिकोण जो सनातन है
http://awara32.blogspot.com/2017/06/simple-meaning-of-brahma-vishnu-mahesh.html 

सनातन धर्म व्यवहारिक (PRACTICAL) है,
इसलिए इसमें गूढ़ कुछ भी नहीं है...
क्यूंकि व्यवहारिक बाते सरल होती हैं, आम आदमी भी समझ सकता है !
किसी ज्ञानी से पूछीये कि श्रृष्टि रचेता ब्रह्मा जी के मंदिर क्यूँ नहीं हैं, जगह जगह पर , आपको कहानी किस्से के साथ बहुत गूढ़ अर्थ समझा दिया जाएगा , और उसका सामान्य जीवन से कुछ लेना देना नहीं होगा |


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हिंदी और अंग्रेजी पोस्टो का बुकमार्क पेजों में विभाजन 
BIFURCATION OF BOOKMARK FOR ENGLISH & HINDI POSTS 
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       BIFURCATION of HINDI POSTS
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       GENERAL and IMPORTANT HINDI POSTS


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        MAHABHARAT POSTS IN HINDI

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ABOUT ME:

A Consulting Engineer, operating from Mumbai, involved in financial and project consultancy; also involved in revival of sick establishments.

ABOUT MY BLOG: One has to accept that Hindus, though, highly religious, are not getting desired result as a society. Female feticide, lack of education for girls, dowry deaths, suicides among farmers, increase in court cases among relatives, corruption, mistrust and discontent, are all physical parameters to measure the effectiveness or success/failure of RELIGION, in a society. And all this, despite the fact, that spending on religion, by Hindus, has increased drastically after the advent of multiple TV channels. There is serious problem of attitude of every individual which need to be corrected. Revival of Hindu religion, perhaps, is the only way forward.

I am writing how problems, faced by Indian people can be sorted out by revival of Hindu Religion.